महाराष्ट्र की राजनीति में शोक: अजित पवार को हिंदू परंपराओं से दी गई अंतिम विदाई
महाराष्ट्र की राजनीति के एक प्रमुख चेहरे और वरिष्ठ नेता अजित पवार को आज पूरे हिंदू रीति-रिवाजों के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके निधन से राज्यभर में शोक की लहर दौड़ गई है। अंतिम संस्कार पुणे के वैकुंठ श्मशान घाट पर संपन्न हुआ, जिसमें परिवार के सदस्यों, राजनेताओं और हजारों समर्थकों ने उन्हें नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की।
अंतिम यात्रा और जनसैलाब
अजित पवार का पार्थिव शरीर सुबह से ही उनके आवास पर अंतिम दर्शनों के लिए रखा गया था, जहां महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों सहित विभिन्न दलों के नेताओं और आम जनता ने उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए। दोपहर होते-होते, उनकी अंतिम यात्रा शुरू हुई, जिसमें सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। लोग अपने प्रिय नेता की एक अंतिम झलक पाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे। यह दृश्य अजित पवार की लोकप्रियता और जनमानस पर उनकी गहरी पकड़ को दर्शाता था।
- समय: दोपहर 2 बजे, अंतिम यात्रा शुरू हुई।
- मार्ग: उनके निवास से वैकुंठ श्मशान घाट तक।
- उपस्थिति: हजारों की संख्या में समर्थक और राजनीतिक हस्तियां।
हिंदू रीति-रिवाज से संपन्न हुआ अंतिम संस्कार
वैकुंठ श्मशान घाट पर, सभी हिंदू धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए अंतिम संस्कार की प्रक्रिया शुरू की गई। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच, अजित पवार के बड़े बेटे ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान माहौल बेहद गमगीन था और कई नेताओं व समर्थकों की आंखें नम थीं।
अंतिम संस्कार के मुख्य बिंदु:
- पार्थिव शरीर को चिता पर रखा गया।
- पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रों का उच्चारण किया गया।
- परिवार के सदस्यों द्वारा अंतिम रस्में निभाई गईं।
- बेटे द्वारा मुखाग्नि दी गई।
राजनीतिक जगत की प्रतिक्रियाएं और श्रद्धांजलि
अजित पवार के निधन पर राजनीतिक गलियारों में गहरा दुख व्यक्त किया गया है। राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, और महाराष्ट्र के राज्यपाल सहित कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय नेताओं ने उनके निधन को देश के लिए एक बड़ी क्षति बताया है।
प्रमुख नेताओं की प्रतिक्रियाएं:
| नेता का नाम | पद | टिप्पणी (सार) |
|---|---|---|
| प्रधानमंत्री | भारत के प्रधानमंत्री | "एक दूरदर्शी नेता और कुशल प्रशासक खो दिया।" |
| मुख्यमंत्री | महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री | "राज्य ने अपना एक सच्चा सेवक खो दिया।" |
| शरद पवार | एनसीपी प्रमुख | "मेरा छोटा भाई, जिसे मैंने राजनीति सिखाई, आज हमें छोड़ गया।" |
अजित पवार का राजनीतिक सफर
अजित पवार का राजनीतिक करियर दशकों लंबा रहा, जिसमें उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया। वे महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के रूप में कई बार अपनी सेवाएं दे चुके थे और राज्य के विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्हें एक मजबूत प्रशासक और प्रभावी रणनीतिकार के रूप में याद किया जाएगा। उनके निधन से महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा शून्य पैदा हो गया है, जिसे भरना मुश्किल होगा।
यह दुखद खबर निश्चित रूप से महाराष्ट्र के राजनीतिक परिदृश्य पर गहरा असर डालेगी। अजित पवार का जीवन और कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बना रहेगा।