पाकिस्तान क्रिकेट टीम ने आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सुपर-8 चरण में अपनी जगह पक्की कर ली है। भले ही ग्रुप स्टेज में उसे भारत के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा, लेकिन टीम ने नीदरलैंड्स, संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) और नामीबिया को हराकर अगले दौर में प्रवेश किया। अब सुपर-8 में पाकिस्तान का मुकाबला न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और श्रीलंका जैसी मजबूत टीमों से होगा।
बाबर आजम की फॉर्म बनी चिंता का विषय
हालांकि, इस टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की सबसे बड़ी चिंता टीम के पूर्व कप्तान और अनुभवी बल्लेबाज बाबर आजम का प्रदर्शन रहा है। बाबर इस टूर्नामेंट में अब तक अपनी क्षमता के अनुरूप खेल नहीं दिखा पाए हैं। ग्रुप स्टेज में उनके स्कोर 5, 46 और 15 रन रहे हैं, जिसने पाकिस्तानी टीम के मध्यक्रम पर अतिरिक्त दबाव डाल दिया है। उनके इस प्रदर्शन ने टीम प्रबंधन और प्रशंसकों दोनों को सोचने पर मजबूर कर दिया है।
कोच माइक हेसन का बड़ा खुलासा: बाबर के स्ट्राइक रेट पर गंभीर सवाल
पाकिस्तानी टीम के हेड कोच माइक हेसन ने हाल ही में एक महत्वपूर्ण खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बाबर आजम को बल्लेबाजी क्रम में नीचे भेजने का निर्णय टीम की आवश्यकताओं को देखते हुए लिया गया था। हेसन ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बाबर का पावरप्ले के दौरान स्ट्राइक रेट 100 से भी कम रहा है, जो मौजूदा टी20 क्रिकेट की रणनीति के हिसाब से बिल्कुल भी सही नहीं है।
नीदरलैंड्स, यूएसए और भारत के विरुद्ध औसत प्रदर्शन के बाद, बाबर आजम को नामीबिया के खिलाफ बल्लेबाजी का मौका नहीं दिया गया। सुपर-8 में न्यूजीलैंड से होने वाले मुकाबले से पहले मीडिया से बातचीत में माइक हेसन ने जोर देकर कहा कि यह फैसला किसी खिलाड़ी के नाम पर नहीं, बल्कि उसकी विशेष भूमिका को ध्यान में रखकर लिया गया है।
माइक हेसन ने मीडिया के सामने कहा, "यह पूरी तरह से टीम की जरूरत का मामला है, और बाबर इस बात को अच्छी तरह से समझते हैं। उन्हें भी मालूम है कि इस वर्ल्ड कप में पावरप्ले के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 100 से भी नीचे रहा है। हमारी सोच है कि जब टीम मुश्किल में हो, तो बाबर मध्य ओवरों में एक बेहतर भूमिका निभा सकते हैं।"
हेसन ने आगे स्पष्ट किया कि नामीबिया के खिलाफ 12वें ओवर के बाद बाबर को बल्लेबाजी के लिए भेजना उचित नहीं था। उन्होंने कहा, "उस समय, बाबर आजम वह बल्लेबाज नहीं थे जिनकी हमें आवश्यकता थी। हमारे पास ऐसे खिलाड़ी मौजूद हैं जो पारी के अंतिम ओवरों में अधिक प्रभावी प्रदर्शन कर सकते हैं।" हेसन ने यह भी बताया कि बाबर खुद मानते हैं कि विभिन्न मैच परिस्थितियों में टीम को अलग-अलग कौशल वाले खिलाड़ियों की जरूरत होती है।
कोच माइक हेसन के इन बयानों से यह साफ संकेत मिलता है कि पाकिस्तानी टीम अब खिलाड़ियों का चयन उनके नाम या कद के बजाय उनकी वर्तमान भूमिका और मैच की स्थिति के आधार पर कर रही है। आगामी सुपर-8 मैचों में न्यूजीलैंड, श्रीलंका और इंग्लैंड के खिलाफ बाबर आजम के पास अपने प्रदर्शन से आलोचकों को जवाब देने और खुद को साबित करने का सुनहरा अवसर होगा।