बजट 2024: शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के ₹8 लाख करोड़ डूबे - ताजा अपडेट

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बजट 2024: शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के ₹8 लाख करोड़ डूबे - ताजा अपडेट
बजट 2024 के ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। निवेशकों को उम्मीद थी कि वित्त मंत्री निर...
बजट 2024: शेयर बाजार में भारी गिरावट, निवेशकों के ₹8 लाख करोड़ डूबे - ताजा अपडेट

बजट 2024 के ऐलान के बाद भारतीय शेयर बाजारों में भारी उथल-पुथल देखने को मिली। निवेशकों को उम्मीद थी कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बजट भाषण से बाजार को नई दिशा मिलेगी, लेकिन इसके विपरीत एक बड़ा झटका लगा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 2300 से अधिक अंकों की गिरावट के साथ धड़ाम हो गया, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी लगभग 750 अंक नीचे आ गया। इस अप्रत्याशित गिरावट ने बाजार में कोहराम मचा दिया, जिससे रिलायंस, बीईएल और अडानी पोर्ट्स जैसी कई बड़ी कंपनियों के शेयरों में भी तेज गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स और निफ्टी में अचानक आई बड़ी गिरावट

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा बजट पेश करने से पहले, बीएसई का सेंसेक्स अपने पिछले बंद 82,269 के मुकाबले 82,388.97 पर मामूली बढ़त के साथ खुला था। बजट भाषण के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा, लेकिन जैसे ही भाषण अपने अंतिम चरण में पहुंचा, बाजार ने अप्रत्याशित रूप से गोता लगाया। देखते ही देखते सेंसेक्स 2370 अंकों तक लुढ़क गया। इसी तरह, एनएसई का निफ्टी भी शुरुआती अस्थिरता के बाद तेजी से गिरा और लगभग 750 अंक फिसलकर कारोबार करता दिखा। यह ताजा अपडेट निवेशकों के लिए चिंता का विषय बन गया है।

निवेशकों को ₹8 लाख करोड़ का भारी नुकसान

शेयर बाजार में आई इस अचानक गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा है। मार्केट कैप डेटा के अनुसार, निवेशकों को मिनटों में ₹8 लाख करोड़ का भारी नुकसान हुआ है। पिछले कारोबारी सत्र में, बीएसई का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन 460 लाख करोड़ रुपये था, जो इस गिरावट के बाद काफी कम हो गया। यह बड़ी खबर उन लाखों छोटे और बड़े निवेशकों के लिए चिंताजनक है जिन्होंने बाजार में पैसा लगाया हुआ है।

बाजार में गिरावट का मुख्य कारण: एसटीटी में बढ़ोतरी

बाजार में इस ऐतिहासिक गिरावट के पीछे एक प्रमुख कारण माना जा रहा है सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) में की गई बढ़ोतरी। यह वह टैक्स है जो शेयर बाजार में किसी भी संपत्ति की खरीद-बिक्री पर लगता है। इस बार, सरकार ने फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस (F&O) सेगमेंट में प्रीमियम खरीदने और बेचने पर लगने वाले एसटीटी को बढ़ा दिया है। विश्लेषकों का मानना है कि सरकार का यह फैसला बाजार को पसंद नहीं आया, जिसके परिणामस्वरूप सेंसेक्स और निफ्टी में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली। यह आर्थिक विश्लेषण दर्शाता है कि ऐसे नीतिगत बदलावों का बाजार पर सीधा और तीव्र प्रभाव पड़ सकता है।

विशेष सूचना: शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन होता है। किसी भी निवेश से पहले, कृपया अपने वित्तीय सलाहकार या मार्केट एक्सपर्ट्स से सलाह अवश्य लें।