KGMU में अवैध मजारों पर बड़ी कार्रवाई: दूसरा नोटिस जारी, जानिए ताजा अपडेट

KGMU में अवैध मजारों पर बड़ी कार्रवाई: दूसरा नोटिस जारी, जानिए ताजा अपडेट
लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में बनीं अवैध मजारों को लेकर प्रशासन अब और सख्त हो गया ह...
KGMU में अवैध मजारों पर बड़ी कार्रवाई: दूसरा नोटिस जारी, जानिए ताजा अपडेट

KGMU में अवैध मजारों पर प्रशासन सख्त: दूसरा नोटिस जारी, जानिए लेटेस्ट अपडेट

लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) परिसर में बनीं अवैध मजारों को लेकर प्रशासन अब और सख्त हो गया है। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इन अनाधिकृत ढांचों को हटाने के लिए दूसरा नोटिस जारी कर दिया है। यह कार्रवाई परिसर में अतिक्रमण और सुरक्षा व्यवस्था को बनाए रखने के लिए की जा रही है।

क्या है पूरा मामला?

KGMU परिसर के भीतर कई स्थानों पर बिना अनुमति के मजारें बन गई हैं, जिन पर विश्वविद्यालय प्रशासन लंबे समय से चिंता व्यक्त कर रहा था। इन ढांचों को न केवल अवैध अतिक्रमण माना जा रहा है, बल्कि इन्हें परिसर की सुरक्षा और व्यवस्था के लिए भी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय ने पहले भी इन मजारों को हटाने के लिए नोटिस जारी किया था, लेकिन उन पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी।

दूसरे नोटिस में क्या है?

जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपने पूर्व नोटिसों के बावजूद मजारों को न हटाए जाने पर गंभीरता से विचार किया है। नए, यानी दूसरे नोटिस में, इन अवैध ढांचों को हटाने के लिए एक निश्चित समय-सीमा दी गई है। यदि इस अवधि में मजारों को नहीं हटाया जाता है, तो विश्वविद्यालय स्वयं इन्हें हटाने की कार्रवाई करेगा और इसका पूरा खर्च संबंधित पक्षों से वसूला जाएगा। यह कदम KGMU प्रशासन की दृढ़ता को दर्शाता है।

अतिक्रमण हटाने की जरूरत क्यों?

विश्वविद्यालय का कहना है कि ये अवैध निर्माण कई कारणों से चिंता का विषय हैं:

  • सुरक्षा: परिसर में अनाधिकृत ढांचों से सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना मुश्किल होता है।
  • कानूनी बाध्यता: सरकारी भूमि पर बिना अनुमति के कोई भी निर्माण अवैध होता है।
  • व्यवस्था: ये निर्माण परिसर की सुंदरता और व्यवस्थित स्वरूप को बाधित करते हैं।
  • भविष्य की योजनाएं: विश्वविद्यालय के विस्तार और विकास योजनाओं में भी ये बाधा बन सकते हैं।

आगे क्या हो सकता है?

दूसरे नोटिस के बाद, यह उम्मीद की जा रही है कि संबंधित पक्ष जल्द ही इन अवैध मजारों को हटाने की दिशा में कदम उठाएंगे। यदि ऐसा नहीं होता है, तो विश्वविद्यालय प्रशासन कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए स्वयं इन ढांचों को ध्वस्त करवा सकता है। इस मामले पर स्थानीय प्रशासन और पुलिस की भी नजर बनी हुई है, ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। यह ताजा खबर KGMU में लंबे समय से लंबित एक बड़े मुद्दे का समाधान कर सकती है।

KGMU प्रशासन का यह कदम परिसर को अतिक्रमण मुक्त बनाने और एक सुरक्षित तथा व्यवस्थित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।