महाराष्ट्र ब्रेकिंग: एनसीपी विलय की तैयारी पूरी थी, अजित पवार के निधन से रुका बड़ा ऐलान - एकनाथ खडसे का खुलासा

महाराष्ट्र ब्रेकिंग: एनसीपी विलय की तैयारी पूरी थी, अजित पवार के निधन से रुका बड़ा ऐलान - एकनाथ खडसे का खुलासा
महाराष्ट्र की राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्...

एनसीपी विलय की बात अंतिम चरण में, अजित पवार के दुखद निधन से टला बड़ा राजनीतिक फैसला: एकनाथ खडसे का दावा

महाराष्ट्र की राजनीतिक गलियारों से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री, एकनाथ खडसे ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। उनके अनुसार, दोनों एनसीपी गुटों (शरद पवार और अजित पवार) के बीच विलय की बातचीत लगभग अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच चुकी थी। यह एक ऐसा राजनीतिक घटनाक्रम था, जिसकी घोषणा जल्द होने वाली थी, लेकिन एक दुखद हादसे ने इस प्रक्रिया पर विराम लगा दिया।

विलय की चर्चाएं और तैयारियां

खडसे ने बताया कि पिछले तीन से चार महीनों से अजित पवार और उनके साथ के अन्य नेताओं के साथ लगातार गहन चर्चाएं चल रही थीं। इन बैठकों में दोनों गुटों के एक होने पर सहमति बन चुकी थी। शरद पवार गुट की ओर से यह भी तय किया गया था कि आगामी स्थानीय निकाय और पंचायत चुनावों में दोनों पक्ष मिलकर 'घड़ी' चुनाव चिन्ह पर ही चुनाव लड़ेंगे।

  • लगभग तीन से चार महीने से चल रही थी बातचीत।
  • दोनों गुटों के बीच विलय पर बन चुकी थी सहमति।
  • स्थानीय चुनावों में 'घड़ी' चुनाव चिन्ह पर लड़ने का फैसला।
  • विलय की औपचारिक घोषणा की पूरी योजना तैयार थी।

एकनाथ खडसे ने इस बात पर जोर दिया कि विलय की औपचारिक घोषणा के लिए पूरी योजना तैयार थी। लेकिन, जैसा कि उन्होंने कहा, "इसी बीच यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना हो गई, जिसके कारण यह महत्वपूर्ण प्रक्रिया रुक गई।"

अजित पवार का दुखद निधन

यह दुखद घटना महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार के अचानक निधन से जुड़ी है। बुधवार सुबह बारामती में लैंडिंग के प्रयास के दौरान उनके विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इस हादसे में विमान में सवार सभी पांच लोगों की मौत हो गई, जिनमें अजित पवार भी शामिल थे। गुरुवार को बारामती के विद्या प्रतिष्ठान के मैदान पर उनका अंतिम संस्कार पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए।

इस हादसे ने महाराष्ट्र की राजनीति में एक गहरा शून्य पैदा कर दिया है और कई महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रमों पर सीधा असर डाला है।

अनिल देशमुख ने भी की पुष्टि

एनसीपी के एक और वरिष्ठ नेता, अनिल देशमुख ने भी दोनों एनसीपी गुटों के विलय संबंधी बैठकों की पुष्टि की है। उन्होंने खुलासा किया कि यह अजित पवार की अंतिम इच्छा थी कि एनसीपी के दोनों धड़े एक साथ आएं और पार्टी को मजबूत करें। देशमुख ने अब इस इच्छा को पूरा करने की आवश्यकता पर बल दिया है।

पूर्व में भी दिखा था गठबंधन का संकेत

जनवरी में हुए महाराष्ट्र नगर निगम चुनावों में कुछ सीटों पर अजित पवार और शरद पवार के गुटों ने मिलकर चुनाव लड़ा था। इनमें पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ जैसी प्रमुख सीटें शामिल थीं। हालांकि उस समय किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं की गई थी, लेकिन यह एक संकेत था कि दोनों गुटों के बीच भविष्य की राजनीतिक साझेदारी की जमीन तैयार हो रही थी। अब खडसे के इस दावे ने उन अटकलों को और बल दिया है कि दोनों दलों के विलय की बातचीत वास्तव में अंतिम चरण में थी। यह खुलासा महाराष्ट्र की मौजूदा राजनीतिक स्थिति में अहम जानकारी जोड़ता है।