मेरठ में बच्चों के विवाद पर खूनी संघर्ष: मुरलीपुरा गाँव में मारपीट, पथराव, जानें ताजा अपडेट

मेरठ में बच्चों के विवाद पर खूनी संघर्ष: मुरलीपुरा गाँव में मारपीट, पथराव, जानें ताजा अपडेट
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के मुरलीपुरा गाँव से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ बच्चों के बीच शुरू हुआ एक छोटा ...
मेरठ में बच्चों के विवाद पर खूनी संघर्ष: मुरलीपुरा गाँव में मारपीट, पथराव, जानें ताजा अपडेट

मेरठ के मुरलीपुरा गाँव में बच्चों के झगड़े ने लिया हिंसक रूप: ताजा रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के मुरलीपुरा गाँव से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। यहाँ बच्चों के बीच शुरू हुआ एक छोटा सा विवाद देखते ही देखते एक बड़े और हिंसक संघर्ष में बदल गया। इस घटना में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई और एक-दूसरे पर पथराव भी किया गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस और प्रशासन का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

क्या था पूरा मामला?

जानकारी के अनुसार, मुरलीपुरा गाँव में कुछ बच्चे खेल रहे थे, जिनके बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। यह मामूली कहासुनी जल्द ही बड़ों के झगड़े में बदल गई। दोनों पक्षों के लोग आमने-सामने आ गए और स्थिति इतनी बिगड़ गई कि उन्होंने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला करना शुरू कर दिया। इसके बाद, उपद्रवियों ने पथराव भी किया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

पीड़ित महिला का बयान: पुरानी रंजिश बनी वजह

घटना के बाद एक पीड़ित महिला ने अपना बयान दिया है। महिला के मुताबिक, यह झगड़ा सिर्फ बच्चों का नहीं था, बल्कि इसके पीछे पुरानी रंजिश एक बड़ी वजह थी। उन्होंने बताया कि दूसरे पक्ष ने जानबूझकर हमला किया और उनके बच्चों को धमकाया भी। महिला ने आरोप लगाया कि पुरानी दुश्मनी के चलते ही इस मामूली विवाद को इतना बड़ा रूप दिया गया।

वायरल वीडियो और पुलिस कार्रवाई

इस खूनी संघर्ष का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें साफ देखा जा सकता है कि कैसे दोनों गुट एक-दूसरे पर हमला कर रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय पुलिस हरकत में आ गई है। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। गाँव में फिलहाल तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि आगे कोई अप्रिय घटना न हो। यह घटना गाँव में कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती को उजागर करती है।