नवीनतम अपडेट: पीएम मोदी ने 'सेवा तीर्थ' का किया उद्घाटन, गुलामी की सोच से बाहर निकलने का आह्वान

नवीनतम अपडेट: पीएम मोदी ने 'सेवा तीर्थ' का किया उद्घाटन, गुलामी की सोच से बाहर निकलने का आह्वान
आज एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लिए एक नवनिर्मित प्रधानमंत्री कार्यालय...

प्रधानमंत्री मोदी ने 'सेवा तीर्थ' से किया भारत के नए युग का आगाज़, गुलामी की सोच से मुक्ति पर जोर

आज एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अवसर पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के लिए एक नवनिर्मित प्रधानमंत्री कार्यालय का विधिवत उद्घाटन किया, जिसे 'सेवा तीर्थ' नाम दिया गया है। यह नया कार्यालय भारत की प्रगति और विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण अध्याय जोड़ने के लिए तैयार है। इस उद्घाटन समारोह ने पूरे देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है, क्योंकि इसे भारत के भविष्य के लिए एक प्रतीकात्मक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारत का नया युग: गुलामी की मानसिकता से मुक्ति का संदेश

इस ऐतिहासिक पल पर अपने संबोधन में, प्रधानमंत्री ने दृढ़ता से कहा कि पूरा देश एक नए युग का साक्षी बन रहा है। उन्होंने इसे भारत के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण बताया और स्पष्ट किया कि हम एक नई शुरुआत के मुहाने पर खड़े हैं। मोदी जी ने जोर देकर कहा कि अब भारत एक नई दिशा में अग्रसर है, जहाँ राष्ट्र निर्माण और चौतरफा विकास की एक नई यात्रा शुरू हो रही है। यह नए और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

'सेवा भाव' ही भारतीय संस्कृति का मूल तत्व

अपने प्रभावशाली भाषण के दौरान, प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष प्रकाश डाला कि लंबे समय से भारत पर विदेशी शासन की गुलामी की मानसिकता और उसके प्रतीक हावी रहे हैं। उन्होंने इन प्रतीकों और सोच से बाहर निकलने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि देश अपनी वास्तविक पहचान और गरिमा को पुनः प्राप्त कर सके। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि 'सेवा भाव' ही भारतीय संस्कृति का मूल तत्व है और यही हमारे राष्ट्र की वास्तविक पहचान है। इस नवनिर्मित 'सेवा तीर्थ' का नामकरण भी इसी पवित्र भावना और लोकाचार को दर्शाता है, जो देशवासियों के लिए प्रेरणा का एक नया स्रोत बनेगा। यह प्रधानमंत्री का एक बड़ा बयान है जो देश को एक नई ऊर्जा और दिशा प्रदान करेगा।