टी20 वर्ल्ड कप 2026: बांग्लादेश की उम्मीदों पर मंडराया संकट, आईसीसी आज सुनाएगी अंतिम फैसला - लेटेस्ट अपडेट

टी20 वर्ल्ड कप 2026: बांग्लादेश की उम्मीदों पर मंडराया संकट, आईसीसी आज सुनाएगी अंतिम फैसला - लेटेस्ट अपडेट
आगामी आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी जगह सुनिश्चित करने की बांग्लादेश की अंतिम कोशिशें अब लगभग समाप्त होती ...
टी20 वर्ल्ड कप 2026: बांग्लादेश की उम्मीदों पर मंडराया संकट, आईसीसी आज सुनाएगी अंतिम फैसला - लेटेस्ट अपडेट

आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में बांग्लादेश की जगह पर आज अंतिम निर्णय

आगामी आईसीसी मेन्स टी20 वर्ल्ड कप 2026 में अपनी जगह सुनिश्चित करने की बांग्लादेश की अंतिम कोशिशें अब लगभग समाप्त होती दिख रही हैं। भारत में खिलाड़ियों की सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं को लेकर कई हफ्तों तक चले गहन विचार-विमर्श के बाद, बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) की विवाद समाधान समिति (DRC) का रुख किया था। हालांकि, यह कदम भी अब अप्रभावी होता दिख रहा है।

स्कॉटलैंड को पहले ही वैकल्पिक टीम के तौर पर तैयार रखा गया है। सूत्रों के अनुसार, आईसीसी के चेयरमैन जय शाह से 24 जनवरी को बांग्लादेश के टूर्नामेंट में भविष्य को लेकर एक औपचारिक घोषणा की उम्मीद है। चूंकि टूर्नामेंट शुरू होने में अब 15 दिन से भी कम समय बचा है, ऐसे में इस महत्वपूर्ण विषय पर तत्काल निर्णय लेना अनिवार्य हो गया है।

इस पूरे मामले पर आईसीसी बोर्ड का रुख पूरी तरह से स्पष्ट है। आईसीसी बोर्ड की मतदान प्रक्रिया में 14-2 के भारी बहुमत से भारत में बांग्लादेश के मैच आयोजित करने को स्वीकृति दी गई थी। एक स्वतंत्र सुरक्षा मूल्यांकन ने खतरे के स्तर को 'कम से मध्यम' बताया था। इसके बावजूद, मेजबान देश द्वारा दी गई सुरक्षा गारंटी और बार-बार के आश्वासनों के बावजूद, बांग्लादेश ने भारत में खेलने से मना कर दिया। इस निर्णय के कारण उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है, जिसमें लगभग 240 करोड़ रुपये की ब्रॉडकास्टिंग, स्पॉन्सरशिप और टूर्नामेंट से होने वाली संभावित आय शामिल है। यह राशि अब दांव पर लगी हुई है।

DRC के अधिकार क्षेत्र का अभाव

बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने विवाद समाधान समिति (DRC) को पत्र लिखकर इसे सभी कानूनी विकल्पों को आज़माने का अंतिम प्रयास बताया था। हालांकि, कानूनी विशेषज्ञों का मानना था कि यह कदम शुरुआत से ही कमजोर था। आईसीसी के संविधान और DRC के अपने नियमों के अनुसार, यह समिति आईसीसी बोर्ड द्वारा लिए गए निर्णयों के विरुद्ध किसी भी अपील पर सुनवाई करने का अधिकार नहीं रखती है। क्लॉज 1.3 स्पष्ट रूप से DRC को एक अपीलीय निकाय के रूप में कार्य करने से प्रतिबंधित करता है।

इस विवाद को लेकर बांग्लादेशी प्रशंसकों ने भी आईसीसी के खिलाफ एक याचिका दायर की थी, लेकिन फिलहाल उससे भी कोई सकारात्मक परिणाम मिलने की उम्मीद नहीं है। समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, आईसीसी के आंतरिक सूत्रों ने बताया है कि BCB को DRC से संपर्क करने की अनुमति तो थी, लेकिन समिति के पास इस संवेदनशील मामले पर सुनवाई करने का कोई अधिकार क्षेत्र नहीं है।

विवाद ने लिया राजनीतिक रंग

यह पूरा मामला अब केवल क्रिकेट तक ही सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। बांग्लादेश के खेल सलाहकार आसिफ नजरुल ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। सरकार का स्पष्ट कहना है कि अंतिम निर्णय बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड नहीं, बल्कि सरकार स्वयं लेगी। स्थिति तब और अधिक जटिल हो गई जब सुरक्षा चिंताओं के कारण क्रिकेटर मुस्ताफिजुर रहमान को कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) के स्क्वॉड से हटा दिया गया। यह घटना धीरे-धीरे एक बड़े विवाद में परिवर्तित हो गई।

विभिन्न रिपोर्टों के अनुसार, आईसीसी बोर्ड के सदस्य तब काफी नाराज हो गए थे, जब BCB अध्यक्ष अमीनुल इस्लाम 'बुलबुल' ने आईसीसी को औपचारिक सूचना देने से पहले ही एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर दी थी। अब जबकि आईसीसी चेयरमैन जय शाह दुबई में उपस्थित हैं और स्कॉटलैंड की टीम अपनी तैयारी पूरी कर चुकी है, ऐसा प्रतीत होता है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने का बांग्लादेश का सपना जल्द ही आधिकारिक रूप से समाप्त हो सकता है।