TMC सांसदों का अमित शाह कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन: पुलिस ने हिरासत में लिया, जानें ताजा अपडेट

TMC सांसदों का अमित शाह कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन: पुलिस ने हिरासत में लिया, जानें ताजा अपडेट
दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई सांसदों ने आज एक बड़ा विरोध प्...

दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यालय के बाहर तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कई सांसदों ने आज एक बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन कोलकाता में इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (IPAC) के दफ्तर पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की हालिया छापेमारी के खिलाफ था। इस दौरान दिल्ली पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए सभी प्रदर्शनकारी सांसदों को हिरासत में ले लिया।

टीएमसी के प्रमुख नेताओं ने लिया हिस्सा

इस विरोध प्रदर्शन में तृणमूल कांग्रेस के कई वरिष्ठ और जाने-माने सांसद शामिल थे। गृह मंत्रालय के बाहर धरना देने वालों में डेरेक ओ'ब्रायन, शताब्दी रॉय, महुआ मोइत्रा, बापी हलदर, साकेत गोखले, प्रतिमा मंडल, कीर्ति आज़ाद और डॉ. शर्मिला सरकार जैसे नेता प्रमुख रूप से मौजूद थे। इन सभी नेताओं ने ईडी की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ अपनी नाराजगी व्यक्त की।

विरोध प्रदर्शन का मुख्य कारण

  • ईडी की छापेमारी: प्रवर्तन निदेशालय ने हाल ही में कोलकाता में स्थित IPAC कार्यालय पर छापेमारी की थी। टीएमसी का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है और केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
  • केंद्र सरकार पर आरोप: तृणमूल कांग्रेस लगातार यह आरोप लगाती रही है कि केंद्र सरकार विपक्षी दलों को कमजोर करने के लिए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है। यह प्रदर्शन उसी कड़ी का एक हिस्सा था।

दिल्ली पुलिस ने की कार्रवाई

प्रदर्शनकारी सांसद गृह मंत्री के कार्यालय के बिल्कुल बाहर एकत्रित हुए थे, जिससे इलाके में कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने की आशंका थी। दिल्ली पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए सभी प्रदर्शनकारी नेताओं को वहां से हटा दिया और उन्हें हिरासत में ले लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कदम शांति व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी कामकाज में किसी भी तरह की बाधा को रोकने के लिए आवश्यक था।

इस घटना के बाद से राष्ट्रीय राजनीति में नई हलचल देखने को मिल रही है। टीएमसी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है, जबकि बीजेपी ने इसे राजनीतिक स्टंट करार दिया है। आने वाले समय में इस मुद्दे पर और बयानबाजी देखने को मिल सकती है, जिससे राजनीतिक तापमान बढ़ने की संभावना है।