उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मोड़: बजट सत्र में योगी पर अखिलेश का तीखा हमला - बड़ी खबर

उत्तर प्रदेश की राजनीति में नया मोड़: बजट सत्र में योगी पर अखिलेश का तीखा हमला - बड़ी खबर
उत्तर प्रदेश का मौजूदा बजट सत्र राजनीतिक गर्माहट का केंद्र बना हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पा...

यूपी की सियासत में गर्माहट: बजट सत्र में योगी-अखिलेश का कड़ा जुबानी हमला

उत्तर प्रदेश का मौजूदा बजट सत्र राजनीतिक गर्माहट का केंद्र बना हुआ है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली है, जिसने प्रदेश की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है। यह ताजा राजनीतिक अपडेट यूपी के गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

सीएम योगी ने गिनाईं उपलब्धियां, सपा पर साधा निशाना

विधानसभा में अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर सीधा प्रहार किया। उन्होंने दृढ़ता से कहा कि जिस राज्य में कभी गुंडागर्दी और जबरन वसूली का बोलबाला था, वह अब "उत्सव प्रदेश" में बदल चुका है। सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि अब उत्तर प्रदेश पूरी तरह से वसूली-मुक्त है, जहां न तो किसी तरह का कर्फ्यू लगाया जाता है और न ही दंगे जैसी घटनाएं होती हैं। उनका इशारा पिछली सरकारों के कार्यकाल की ओर था, जिसमें कानून-व्यवस्था की स्थिति पर अक्सर सवाल उठते थे। यह बयान यूपी विकास और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अखिलेश यादव का सीएम योगी पर पलटवार

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इन बयानों पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने तुरंत पलटवार किया। अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री पर सीधा हमला बोलते हुए उन्हें ही "उपद्रवी" करार दिया। उनके इस बयान ने सदन के भीतर और बाहर, दोनों जगह राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। यह हमला दर्शाता है कि आगामी चुनावों से पहले उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का स्तर काफी ऊंचा रहने वाला है। समाजवादी पार्टी प्रमुख का यह बयान योगी सरकार पर सीधा आरोप है।

आगे क्या? राजनीतिक विश्लेषकों की राय

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जुबानी जंग केवल बजट सत्र तक सीमित नहीं रहेगी। यह आगामी लोकसभा चुनावों और उसके बाद के विधानसभा चुनावों के लिए एक बड़ी बिसात बिछा रही है। दोनों प्रमुख नेता एक-दूसरे पर हमलावर होकर अपनी-अपनी पार्टी के आधार को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। यूपी की राजनीति में यह बड़ी खबर बताती है कि जनता के सामने मुद्दों के साथ-साथ व्यक्तिगत आरोपों-प्रत्यारोपों का दौर भी जारी रहेगा।